Treasury Bills in Hindi: सरकारी बांड और ट्रेजरी बिल क्या होता है ?

Treasury Bills के अंदर निवेश करके आप सालाना दर पर अपने निवेश के अनुसार ब्याज प्राप्त कर सकते हैं. हम सभी अपने पैसे को सही जगह लगाने के लिए हमेशा प्रयास करते रहते हैं. इसी कारण बहुत से लोग अपने पैसे विभिन्न प्रकार की पॉलिसी खरीदने में लगा देते हैं, जबकि अधिकतर लोग अपनी पूंजी से किसी निजी बैंक में FD खरीद लेते हैं. बैंक द्वारा अपने ग्राहकों को FD की कीमत ब्याज के साथ अदा भी कर दी जाती है. लेकिन ग्राहकों को उसके लिए बहुत लंबा इंतजार करना पड़ता है.

आज हम आपके लिए लाए हैं एक ऐसा निवेश का तरीका जहां आपको आपके द्वारा लगाए गए पैसे पर 100% लाभ होगा और इसके लिए आपको बहुत साल तक इंतजार करने की भी जरूरत नहीं है. हम बात कर रहे हैं ट्रेजरी बिल की (Treasury Bills in India). अगर आप भी T-Bills in Hindi के बारे में और अभी जानना चाहते हैं यह निवेश करने जा रहे हैं ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि आप इस पूरे प्लान को जरुर पढ़े ताकि निवेश करते समय या निवेश कर लेने के बाद आपको किस प्रकार आगे कार्य करना है इसके लिए निर्देश मिल जाए.

Treasury bills या T-bills,जो मुद्रा बाजार के साधन हैं, भारत सरकार (Government of India) द्वारा जारी किए गए अल्पकालिक ऋण (short term debt instruments) साधन हैं और वर्तमान में तीन अवधियों, अर्थात् 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन में जारी किए जाते हैं

Treasury Bill

Treasury Bills क्या होते हैं ?

Treasury bills india (Definition of Treasury Bill): वास्तव में निवेश ही का एक प्रकार Treasury Bill (T-Bill) होता है. यहां आप अपना निवेश RBI के अंदर करते हैं. दरअसल सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने के लिए पूंजी की आवश्यकता पड़ती है. इस कमी को पूरी करने के लिए सरकार द्वारा बैंक से तथा विशेष तौर पर RBI से समय-समय पर लोन लिया जाता है. इस लोन की अवधि 1 साल की होती है. यह 1 साल से कम भी हो सकता है, लेकिन अधिकतम अवधि 1 साल ही की होती है. RBI द्वारा नागरिकों को आमंत्रित (Purchasing T-Bills) किया जाता है कि वह सरकार द्वारा मांगे जा रहे इस लोन को अपने पैसों से अदा करें.

दरअसल आप न्यूनतम ₹25000 Treasury bills में जमा करा कर उन लोगों में शामिल हो जाते हैं जिन लोगों ने मिल जुलकर पैसा इकट्ठा किया और उस पैसे को RBI ने सरकार को लोन देने के लिए इस्तेमाल कर दिया. अब सरकार द्वारा इस लोन के बदले में RBI को  ब्याज सहित सारी पूंजी अदा की जाती है. क्योंकि RBI ने आप लोगों से निवेश लेकर सरकार को लोन दिया था इसलिए अब सरकार द्वारा RBI को दिए जाने वाले ब्याज का कुछ प्रतिशत ( आपके निवेश के अनुसार) आपको भी अदा किया जाएगा. इसके साथ ही सरकार द्वारा पूरा लोन चुका लेने के बाद आपके द्वारा Invest करी गई रकम भी आपको वापस कर दी जाती है.

ट्रेजरी बिल के फायदे 

 यदि आप ट्रेजरी बिल के अंदर निवेश करते हैं ऐसी स्थिति में आप को निम्नलिखित फायदे (Advantages of T-Bills) होंगे:

  • मेच्योरिटी पीरियड कम होना- आपको fd की तरह 5 या 10 साल के लिए मेच्योरिटी पीरियड के पूरे होने की चिंता नहीं करनी है. Treasury Bill का अधिकतम मेच्योरिटी पीरियड 1 साल है. इसके अतिरिक्त न्यूनतम अवधि 91 दिन है. इस प्रकार निवेशकों को अपने द्वारा निवेश किए गए पूंजी के लिए ज्यादा दिन रुकना नहीं होगा, 1 वर्ष बाद आप उसे वापस  ले सकते हैं.
  • अधिक ब्याज दर मिलना- हम सभी जानते हैं कि विभिन्न बैंक FD द्वारा अपने ग्राहकों को वार्षिक और अन्य अवधी पर ब्याज अदा करती हैं. लेकिन बैंक द्वारा दिया जाने वाला यह है ब्याज FIX होता है, यानी आपके द्वारा बैंक में जमा करेंगे राशि का इस्तेमाल बैंक निवेश में करते हैं जिससे वह भारी कमाई करते हैं. लेकिन इसके बदले में आपको एक निश्चित ब्याज दर ही अदा करते हैं जबकि बैंक द्वारा निवेश से होने वाली कमाई में आपका कोई हिस्सा नहीं होता. ऐसे में Treasury Bill के लिए ग्राहकों से वास्तविक कीमत से कम कीमत मांगी जाती है, जबकि इस बिल को वापस करते समय ग्राहकों को उसकी पूरी कीमत अदा की जाती है. इसके अतिरिक्त उनको 6 से 7.5 प्रतिशत तक का ब्याज भी अदा किया जाता.
  • शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा उपाय- यदि आप ज्यादा पैसे FD के अंदर जमा नहीं करना चाहते, और कम समय के लिए निवेश करके ब्याज प्राप्त करना चाहते हैं, ऐसे में आप इन Treasury Bills के अंदर निवेश कर सकते हैं.
  • क्योंकि यह RBI द्वारा संचालित किए जाते हैं इसलिए इसमें धोखाधड़ी तथा ग्राहकों से पैसे वसूलने जैसी शिकायतों का सामना नहीं करना पड़ता.

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ट्रेजरी बिल की अवधि (T-Bill Maturities)

364-Day Treasury Bill

 364 दिन के लिए ट्रेजरी बिल:  सरकार द्वारा लिया जाने वाला लोन या कर अधिकतम 1 साल के लिए ही लिया जाता है. इसे हम 365 दिन की अवधि वाला Treasury Bill कहते हैं. आप इसके अंदर ₹25000 निवेश करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं. यदि आप अधिक पूंजी निवेश में लगाना चाहे तो आप इसी प्रकार आगे भी निवेश कर सकते हैं.

182-Day Treasury Bill

182 दिन ट्रेजरी बिल: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इस प्रकार के ट्रेजरी बिल भी जारी किए जाते हैं यहां निवेशक अपना निवेश कर सकते हैं

91-Day Treasury Bill

91 दिन का ट्रेजरी बिल: यह न्यूनतम अवधि वाला ट्रेजरी बिल है. यानी आप न्यूनतम 91 दिन के लिए अपनी पूंजी को रिजर्व बैंक के लिए निवेश कर सकते हैं और इसके बदले में एक अच्छा ब्याज दर प्राप्त कर सकते हैं.

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ट्रेजरी बिल कैसे खरीदें: How to Buy Treasury Bills in India?

T-Bills प्राथमिक बाजार में RBI की नीलामी के जरिए जारी किए जाते हैं। एक योग्य निवेशक प्रतिस्पर्धी या गैर-प्रतिस्पर्धी नीलामी में भाग ले सकता है।

प्रतिस्पर्धी बोली(Competitive Bidding)

भारतीय रिजर्व बैंक के साथ फंड या चालू खाता और प्रतिभूति खाता (सहायक सामान्य खाता बही (एसजीएल) खाता) बनाए रखने वाले प्रतिस्पर्धी बोलीदाता ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के सदस्य हैं। संस्थागत निवेशक, जैसे कि वित्तीय संस्थान, बैंक, म्यूचुअल फंड, प्राथमिक डीलर और बीमा कंपनियां प्रतिस्पर्धी बोली के लिए पात्र हैं।

गैर-प्रतिस्पर्धी बोली-प्रक्रिया (Non-competitive Bidding)

गैर-प्रतिस्पर्धी बोली (non-competitive bidders for treasry bills)लगाने वाले व्यक्ति, एचयूएफ/ट्रस्ट, फर्म, कॉर्पोरेट निकाय, संस्थान, भविष्य निधि और कोई अन्य पार्टी हो सकते हैं। गैर-प्रतिस्पर्धी बोलीदाता बिना मूल्य/लाभ का उल्लेख किए नीलामी में भाग ले सकते हैं। इसलिए, किसी को इस बात की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है कि quote सही है या नहीं। बोली लगाने वाले को योजना के अनुसार आंशिक रूप से या पूर्ण रूप से आवंटित किया जाएगा।

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