Traffic Traffic & Traffic! नहीं आया लोगों को रास, समाधान से अधिक समस्या पैदा कर रहे है यहाँ Traffic Initiatives

Traffic in Dehradun: देहरादून शहर में बीते कुछ दिनों से ट्रैफिक पुलिस के द्वारा ट्रैफिक को रेगुलेट करने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं. मगर ये सारी कोशिशें किसी काम की साबित नही हो रही. उल्टे उनसे शहर वासियों की तकलीफें और बढ़ रही हैं। मतलब ये की जो कदम ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने के लिए उठाए जा रहे हैं उसी से ट्रैफिक और ज़्यादा अव्यवस्थित होति जा रही है।

Traffic in Dehradun

कई रास्तों पर डाइवर्जन लगा कर उन्हें वन वे बना दिया गया है. जिसकी वजह से एक तरह का ब्लॉक बन जा रहा है. उसका नतीजा यह निकल रहा कि पहले ही तंग रास्ते उसपर ट्रैफिक और ज्यादा बढ़ जाए रहा। मतलब ये अचानक से बनाये वन वे केवल ट्रैफिक जाम करने का काम कर रहे हैं।

वहीं हरिद्वार बाईपास रोड से रिस्पाना ब्रिज जाने के रास्ते मे अब एक इन्टरसेक्शन बना दिया गया था. जो कि एक ब्लाइंड टर्न की तरह हो गया था. जिससे दुर्घटनाओं के अंदेशे बढ़ गए। फिर कुछ दिनों बाद वहीं कंक्रीट के ब्लॉक का इस्तेमाल कर के टेम्पररी डाइवर्जन बना दिया गया. जिसकी वजग से लोगों को यू- टर्न लेकर घूमकर जाना पड़ रहा था।

इससे इस हिस्से में गाड़ियां और धीरे चलने लगी और ट्रैफिक जाम और ज्यादा होने लगे। और छोटी गाड़ियों वाले यू- टर्न लेने की बजाय गलत दिशा से ही गाड़ी निकालने का प्रयत्न करते हैं. क्योंकि कुछ मीटर के रास्ते पर गाड़ी ग़लत दिशा में चलाना ज्यादा सुविधा जनक होता है बजाय पूरा रास्ता घूम कर आने से। ये प्रयोग बेहद ही खतरनाक साबित हो रहा है और टाइम भी ज्यादा लग रहा है।

वहीं रेलवे स्टेशन के सामने सहारनपुर रोड पर भी इसी तरह का वन वे डाइवर्जन बना देने के बाद वहां भी ट्रैफिक जाम बढ़ने लगा। खासकर दिन के व्यस्ततम समय मे।

Ec रोड पर भी जिन गलियों में वन वे का बोर्ड लगा हुआ है वहां गाड़ियां गलत दिशा में ले जाई जाती है वो भी ट्रैफिक हवलदार के सामने यही हाल सुभाष रोड रेस कोर्स इन्टरसेक्शन का भी है। कोई गाड़ियों को नही रोकता और न ही कोई ट्रैफिक हवलदार वहां कोई सख्त कदम उठता है।

सीधे अर्थों में ट्रैफिक को और बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने के लिये जितने भी कदम उठाए गए हैं उनसे केवल और केवल रहवासियों को असुविधा ही हो रही है। इसके लिए यहाँ की जनता को स्ट्रक्चर बदलाव चाहिए। और साथ ही साथ ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा अच्छी तरह से की जाने वाली देख रेख ताकि शहर में कहीं भी ट्रैफिक जाम न हो और न ही कोई दुर्घटना।

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वही ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि शहर की बनावट की तुलना में यहां गाड़ियों कि सँख्या 3 गुना ज्यादा है जिससे ट्रैफिक को मैनेज करना बहुत मुश्किल हो गया है. उनका कहना है कि ऐसे डाइवर्जन और इन्टरसेक्शन पब्लिक के हित में ही बनाये जा रहे हैं. जिससे ट्रैफिक का संचालन आसानी से हो सके। ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है की ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय समय पर लोगों का फीडबैक लेकर वे उनकी सुविधा अनुसार बदलाव करते रहते हैं।

लोगों की माने तो उन्हें ट्रैफिक अधिकारियों के कदम बिल्कुल पसंद नही आ रहे। इससे उनकी परेशानियां केवल बढ़ रही हैं। खासकर दिन के व्यस्ततम समय मे जब सबको जल्दी होती है उसी दौरान इन डावर्जन और वन वे की वजह से ट्रैफिक और बढ़ जाता है और उस समय वहां कोई अधिकरी नही होता ट्रैफिक जो ट्रैफिक को संभाल सके। लोगों की इन परेशानियों का कोई हल मिलता नज़र नही आ रहा है क्योंकि अधिकारियों से बात करने पर उनका कहना है कि ये फैसले भविष्य को देखकर लांग रन में लिए गए हैं।

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