Old Pension vs New Pension Scheme: पुरानी और नई पेंशन पॉलिसी के बीच कौन अधिक बेहतर?

नमस्कार पाठकों ! आज हम आपके लिए old vs new pension scheme से संबंधित जानकारी लेकर प्रस्तुत हुए है। हम देखते हैं कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आते हैं वैसे ही old pension scheme का मुद्दा गरमाने लगता है ऐसा ही हाल ही में गुजरात में देखने को मिल रहा है। गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं,और कई पार्टियां चुनाव प्रचार में लगी हुई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में अपनी चुनाव रैली के दौरान गुजरात की जनता से एक बहुत बड़ा वादा किया जिसमें उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो old pension scheme for government employees के लिए वापस लेकर आएगी। हमारा विषय इसी पर ही आधारित होगा कि Old और New Pension Scheme में अंतर क्या है तथा इसके क्या फायदे हैं आदि । अगर आप इस संबंधी जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो हमारे साथ अंत तक बने रहे तथा हमारे आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

[OPS V/S NPS] पुरानी पेंशन और नई पेंशन योजना में क्या अंतर है?

old pension scheme vs new pension scheme: अगर आप एक सरकारी कर्मचारी हैं तो आपके दिमाग में यह वाला सवाल जरूर उठता होगा कि new pension scheme और purani pension scheme में कौन सी बेहतर है तथा इनमें अंतर क्या है हम यहां पर इसी बात पर चर्चा करेंगे।  जैसा कि हम इस बात से परिचित भी है कि सन 2004 से पहले सरकारी कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद उसकी सैलरी का आधा हिस्सा उसको pension के रूप में दिया जाता था इसी के अंतर्गत अगर किसी कारणवश रिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिजनों को उस पेंशन का प्रावधान प्राप्त था। इस पेंशन स्कीम के लिए कर्मचारी के वेतन से कोई पैसा नहीं कटता था, इसमें 6 महीने बाद मिलने वाले DA का प्रावधान भी शामिल था। Old pension scheme (OPS) में भुगतान सरकार की ट्रेजरी के माध्यम से होता था।

हम यहां पर National Pension System (NPS) की चर्चा करें किस में क्या प्रावधान किए गए। new pension scheme में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी प्लस बी ए का 10 फ़ीसदी हिस्सा काटा जाता है। पीएस की व्यवस्था शेयर बाजार पर आधारित है जिसके कारण यह असुरक्षित भी है। इस स्कीम के अंतर्गत रिटायरमेंट के बाद pension पाने के लिए NPS Fund 40% तक का निवेश करना अनिवार्य है। हमने चर्चा की थी New pension scheme (NPS) शेयर बाजार पर आधारित है तो इसमें Tax का प्रावधान नहीं है। इसमें 6 महीने बाद मिलने वाले डियर का प्रावधान भी सम्मिलित नहीं है।

National Pension Schemes (NPS)

यहां पर इस बात की चर्चा करेंगे कि New pension yojana को लाने के क्या कारण थे- सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक new pension scheme शुरुआत की है जो 1 जनवरी 2004 के बाद से लागू हुई । अगर tamil nadu और पश्चिम बंगाल को छोड़ दें अधिकांश राज्य सरकारों में यही pension system अपनाई गई।

सरकारी अधिकारी या कर्मचारी सेना भर्ती के समय कर मुक्त एकमुश्त के रूप में कुल राशि का 60% ही निकाल सकता है बाकी 40% की वार्षिक आय में प्रतीत कर दिया जाएगा उनके जीवन भर के लिए पेंशन आय उत्पन्न करेगा। New Pension Scheme एक निश्चित भुगतान की गारंटी देती है तथा उसके साथ-साथ NPS बाजार में संचालित है। उसके आपको दो प्रकार से लाभ देखने को मिलते हैं पहला तो यह सरकारी कर्मचारी के पक्ष में काम करता है दूसरी और यह राज्य सरकारों को सुनिश्चित करता है कि उनके भुगतान के बोध से वह मुक्त हो सके। एक प्रकार से इसको दीर्घकालिक स्वरूप के रूप में देखा जा सकता है।

NPSOPS
NPS एक निवेश-आधारित पेंशन कार्यक्रम है, जो उच्च रिटर्न के लिए कुछ पैसा बाजार में निवेश करता है।OPS एक गैर-निवेश आधारित पेंशन कार्यक्रम है।
NPS का रिटर्न निश्चित नहीं होता है। रोजगार के दौरान सब्सक्राइबर का एसेट एलोकेशन रिटर्न तय करता है।पिछले पेंशन कार्यक्रम की गारंटी है कि सरकार मासिक भुगतान को सेवानिवृत्त करती है।
NPS में सरकारी कर्मचारी और निजी कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।सरकारी कर्मचारियों के लिए ही।
इस योजना पर कर भी लग सकते हैं।OPS के तहत कोई टैक्स नहीं
NPS में कर्मचारी अपने वेतन से योगदान करते हैं। बाजार से जुड़े उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन हो जाता है।
इसमें जोखिम शामिल होता हैइसका जोखिम मुक्त
रिटायरमेंट के बाद बड़ा रिटर्न मिल सकता है लेकिन कोई गारंटी भी उम्मीद से कम रिटर्न नहीं दे सकतीआपके पास हमेशा उतना ही रिटर्न होगा क्योंकि यह पिछले वेतन पर निर्भर करता है.
कर्मचारी अपने वेतन से अपने भविष्य के लिए एक मासिक योगदान देते हैं।कर्मचारियों को अपनी तनख्वाह से कुछ भी निवेश नहीं करना है।
सरकार के लिए योजनाएं स्थिर और लाभदायक हैं। जैसा कि कर्मचारी द्वारा अपने कार्य काल के दौरान पहले से ही पैसा निवेश किया जाता है।सेवानिवृत्त लोगों की जीवन प्रत्याशा बढ़ने के कारण यह योजना सरकार के लिए अस्थिर है। सरकार के लिए इस तरह की योजनाएं चलाना महंगा पड़ता है।

पेंशन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव

अभी हम यहां पर इस बात की चर्चा करेंगे कि की पेंशन स्कीम का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा तथा उससे वित्तीय स्थिति किस प्रकार से बिगड़ रही है साथ ही साथ अर्थशास्त्रियों का इस पर क्या कहना है।अर्थशास्त्रियों ने pension scheme पर बल देते हुए इससे सावधान किया है कि अगर पुरानी पेंशन योजना वापस लाई गई तो यह व्यक्ति के लिए एक विनाशकारी परिणाम का सबब बनेगी। आपको बता दें कि संवैधानिक ऑडिटर नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) पुरानी पेंशन स्कीम से राज्यों के वित्तीय बोझ में बढ़ोतरी होगी।

Old Pension Scheme को लाने के लिए संघर्ष

जैसा कि अभी हमने ऊपर भी चर्चा कि की Old pension scheme को लाने के लिए कई प्रकार के प्रयास चल रहे हैं हाल ही में पंजाब सरकार ने कहा है कि वे अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को वापस लाने जा रहे है। अगर से यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो पंजाब राजस्थान छत्तीसगढ़ के बाद Old Pension Scheme में आने वाले राज्यों में यह तीसरे राज्य के रूप में नजर आएगा। एक्सपर्ट्स की बात करें तो उनका कहना है कि अगर यह व्यवस्था दोबारा से लाई गई तो यह देनदारी और करदाताओं के बोझ को बढ़ा देगी। कुछ कर्मचारी संघ National Pension Scheme के बजाय old pension scheme के पक्ष में जाते हुए दिखाई पड़ रहे है।

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