Happy New Year 2023: नए साल के पहले दिन बन रहा है दुर्लभ संयोग, इन उपायों से पूरा साल सूर्य की तरह चमकेगा आपका भाग्य

New Year 2023: नया साल आने ही वाला है. इस साल रविवार को साल 2023 का पहला दिन होगा. हम सभी को नए वर्ष की उत्सुकता रहती है. लेकिन साथ ही आप कुछ विशेष पूजा के माध्यम से इस नए साल को और ज्यादा अच्छा बना सकते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार नए साल का पहला दिन दशमी का दिन है. इस दिन यमराज की पूजा करने से नए साल की शुरुआत बहुत अच्छी हो जाएगी. इसके अलावा आप कुछ अन्य देवताओं की पूजा भी कर सकते हैं जिसका विवरण हम आपको यहां बताएंगे. बता दें कि इन उपायों को कर लेने के पश्चात नए साल में आपके लिए कई सारी अच्छी चीजें हो सकती हैं. इसलिए आप हमारे इस लेख को जरूर पढ़िए.

New Year 2023 पर देवताओं की करें पूजा

हर महीने की दशमी को भगवान यमराज का दिन कहा जाता है. यह दशमी नए साल के पहले दिन हो रही है. माना जा रहा है कि इस दिन भगवान यमराज की पूजा कर लेने से आपको जीवन में होनेवाले कष्टों से मुक्ति मिल सकती है. इसके साथ ही आप मृत्यु के पश्चात मिलने वाले कष्ट से भी मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए आपको भगवान यमराज को मनाना होगा. आप नीचे बताएं गई पूजा की विधि के अनुसार भगवान यमराज की पूजा साल 2023 के पहले दिन कर सकते हैं. इसके पश्चात आप भगवान से नए साल में खुशियां और कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करें. इसके साथ ही आप निम्नलिखित पूजन विधि का प्रयोग करके भगवानों की पूजा करके नया साल शुरू कर सकते हैं.

सूर्य देव की भी पूजा की जाए

बता दें कि इस बार नया साल रविवार के दिन शुरू हो रहा है. यानी रविवार को साल 2023 का पहला दिन होगा. शास्त्रों के अंदर रविवार को सभी ग्रहों का देवता कहा जाता है. यह दिन सूर्य देवता को समर्पित होता है. आप साल 2023 के पहले दिन देवता की पूजा कर सकते हैं. रविवार को सूर्य देवता की पूजा करना शुभ होता है. आप नए साल के नए लक्ष्यों को सूर्य देवता के समक्ष समर्पित कर सकते हैं. इसके पश्चात विधि के अनुसार सूर्य देवता की पूजा करें. पूजा कर लेने के पश्चात उनसे नए साल में अच्छी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें.

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यमराज और सूर्य देव की पूजा से आएगी खुशहाली

आपको बता दें कि यमराज को सूर्य देव का पुत्र कहा जाता है. इस प्रकार दोनों ही को प्रसन्न करने से दोनों देवताओं की कृपा आप पर आने वाले नव वर्ष पर पूरे साल बनी रहेगी. इनकी पूजा के लिए आप अपने घर में भी सामग्री इकट्ठा कर सकते हैं और नजदीकी मंदिर में जाकर भी इनकी पूजा कर सकते हैं.

नए साल के पूजन की विधि

आप ब्रह्म मुहूर्त के समय उठकर नदी के जल से स्नान करें. पवित्र नदी के जल से स्नान करने के पश्चात आप तांबे के लोटे का प्रयोग करके सूर्य को अर्घ्य दें. उगते सूर्य को पुष्प, लाल चंदन, कुमकुम आदि मिलाकर समर्पित करें. 

सूर्य देव के मंदिर में जाकर आप उनकी पूजा करें और वहां सेवा करें. इससे आपको सूर्य देव का आशीर्वाद मिलता है और आने वाले कल में समय के लिए आपके घर में खुशियां आती हैं. 

नए साल के पहले दिन आप आटे की गोलियां भी मछलियों को खिला सकते हैं. यह सूर्य देव को प्रसन्न करने का तरीका है. इससे धन में भी वृद्धि होती है और साथ ही आप के मान सम्मान में वृद्धि होती है. मछली को खाना खिलाने से पिछले जन्म के सभी पाप भी समाप्त हो जाते हैं.

शाम को सूर्यास्त के बाद आप घर में भगवान यमराज के नाम का दिया जला कर उनकी प्रार्थना कर सकते हैं. उनका आह्वान करके आप घर में सभी की दीर्घायु की प्रार्थना कर सकते हैं. इससे आपको ना केवल दीर्घायु मिलेगी बल्कि मृत्यु के प्रति आप का भय भी समाप्त हो जाएगा. 

FAQs

नए साल पर कौन से देवता की पूजा करें?

साल 2023 में एक नया संयोग बन रहा है. इसमें आप एक साथ दो देवताओं को प्रसन्न करके आने वाले साल की खुशहाली की प्रार्थना कर सकते हैं. नए साल पर इस बार आप सूर्य देव और यमराज की पूजा करके दीर्घायु और खुशहाली की कामना कर सकते हैं.

यमराज की पूजा कब करते हैं?

अलग-अलग अवसरों पर आप यमराज की पूजा कर सकते हैं. हर महीने की दशमी को यमराज का दिन कहा जाता है. साल 2023 का पहला दिन भी दशमी का दिन है. इस दिन आप यमराज की पूजा करके उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं और दीर्घायु की प्रार्थना कर सकते हैं. 

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