NPS लौटा रही है केंद्र सरकार? लाखों कर्मचारियों के लिए सरकार ने लिया ये फैसला!

केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अभी भी नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme of India) और पुरानी पेंशन योजना पर विवाद चल रहा है. कांग्रेस द्वारा शासित राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जा चुका है. हिमाचल प्रदेश में भी पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Yojana) लागू करने की कोशिश की जा रही है.

पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारियों के वेतन में से pf भी कटना शुरू हो गया है. इससे पहले कर्मचारियों ने अपने वेतन में से नेशनल पेंशन स्कीम के लिए भी अनुदान दिया है. अब राज्य द्वारा केंद्र सरकार से NPS National Pension Yojana के लिए वसूला गया अनुदान वापस मांगा जा रहा है. जबकि केंद्र सरकार इस रकम को अदा न करने पर टिकी हुई है. क्या है पूरा मामला. इसके लिए आप हमारे इस लेख को जरूर पढ़िए.

NPS में जमा पैसा वापस नहीं किया जाएगा

राज्य सरकारों द्वारा बार-बार National Pension Yojna में जमा पैसा वापस मांगने की मांग पर केंद्र सरकार द्वारा विचार नहीं किया जा रहा है. राज्यसभा में राज्य वित्त मंत्री द्वारा यह साफ किया गया है कि नेशनल पेंशन स्कीम में पैसा रिफंड करने की कोई योजना नहीं है. इसके लिए PFRDA के अंतर्गत बनाए गए नियमों का भी हवाला दिया गया है. इन नियमों में पैसा रिफंड करने के मामले में कोई कानून नहीं है. इसलिए अभी केंद्र सरकार द्वारा किसी भी राज्य को NPS का पैसा रिफंड नहीं किया जा सकता है. 

NPS का पैसा राज्य वापिस क्यों मांग रहा है

साल 2004 से पहले भारत में सभी को Old pension Scheme OPS के अंतर्गत पेंशन दी जाती थी. नेशनल पेंशन योजना (New Pension Scheme) के पश्चात इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं. दरअसल कर्मचारियों को हर महीने अपनी तनखा में से कुछ भाग सरकार को देना होता है. सरकार भी उतना ही पैसा प्रत्येक कर्मचारी को हर महीने देती है. यह पैसा कर्मचारी के PF अकाउंट में जमा होता रहता है. 60 साल की आयु पूरी कर लेने के पश्चात. यह रिटायर होने के बाद कर्मचारी को इसी पैसे में से पेंशन दी जाती है. 

हांलाकि Pension की व्यवस्था करना राज्य का काम है. लेकिन National Pension Scheme कि आने के पश्चात केंद्र और राज्य सरकार के अंतर्गत काम करने वाले सरकारी कर्मचारी सभी एक ही जगह अपना पैसा जमा करा रहे थे. इसके साथ ही हर राज्य द्वारा भी उनकी Pension के लिए PFRDA के पास पैसा जमा किया जा रहा था. इस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर एक ही पेंशन योजना को संचालित किया जा रहा था.

लेकिन अब पुरानी पेंशन योजना (Old pension Yojana) के अंतर्गत राज्यों को अपने स्तर पर अपने कर्मचारियों को पेंशन देनी है. इसके लिए उन्हें कर्मचारियों को हर महीने पेंशन के लिए अनुदान भी देना है. इसलिए राज्य को अपने द्वारा बीते सालों में नई पेंशन योजना के लिए जमा कराए गए पैसे की जरूरत है. ताकि इस पैसे का इस्तेमाल करके पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जा सके. 

सभी राज्यों की सहमति से NPS कानून बना था 

केंद्र सरकार NPS का पैसा लौटाने के लिए राज्य सरकारों को कोई जवाब नहीं दिया है. इसके साथ ही NPS को PFRDA के अंतर्गत बनाए गए कानूनों से संचालित किया जा रहा है. इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे राज्यों को उनका पैसा उठाया जा सके. पेंशन नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा भी यह सफाई दी गई है कि NPS को प्रत्येक राज्य की सहमति से लागू किया गया था. उस समय किसी भी राज्य ने इस प्रकार का कानून बनाने की मांग नहीं करी थी कि राज्य को पैसा वापस किया जाएगा. यह पैसा केवल रिटायरमेंट के पश्चात ही कर्मचारियों को पेंशन के रूप में दिया जा सकता है.

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NPS का पैसा लौटाने के लिए कानून में संशोधन

प्राधिकरण द्वारा यह भी बताया गया है कि यदि राज्यों को अपना पैसा वापस चाहिए तो इसका केवल एक ही उपाय है. इसके लिए संसद में एक नया कानून बनाना पड़ेगा. जिसके तहत NPS का पैसा राज्यों को वापस करने का प्रावधान इसमें जोड़ा जाएगा. ऐसा कर लेने के पश्चात ही NPS का पैसा राज्यों को वापस मिल सकता है. क्योंकि नई पेंशन योजना बनाने में प्रत्येक राज्य की सहमति ली गई थी, इसलिए इस नियम में संशोधन करने के लिए भी प्रत्येक राज्य की सहमति लेनी पड़ेगी. 

NPS का पैसा निवेश होता है 

केंद्र व राज्य सरकारों के अंतर्गत काम करने वाले सरकारी कर्मचारी अभी तक3.5 लाख करोड़ रुपए NPS के लिए जमा करा चुके हैं.  कर्मचारियों और राज्य सरकारों द्वारा जमा किया गया यह पैसा सरकार बहुउद्देशीय परियोजनाओं में निवेश करती है. इसके बदले सरकार को काफी लाभ होता है जिसका प्रयोग जनहित के लिए किया जाता है. ऐसे में यदि NPS का पैसा राज्यों को लौटा दिया जाता है तो सरकार की निवेश करने की दर भी कम हो जाएगी. इसके अतिरिक्त सरकार जनहित कार्यों को अधिक सफलतापूर्वक पूरा नहीं कर पाएगी. 

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