Khasi Mandarin Orange: Dubai पंहुचा मेघालय का खासी मंदारिन संतरा

Khasi Mandarin Orange : मेघालय के संतरे के किसानों ने शुक्रवार को जीआई टैग वाले संतरे की दूसरी खेप UAE को निर्यात की।केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मन्त्रालय ने गुरुवार को इस निर्यात के लिए परीक्षण निर्यात शिपमेंट की सुविधा प्रदान की। Khasi Mandarin (खासी मंदारिन) संतरे की एक प्रजाति है जो मेघालय के खासी पर्वतमाला पर उगाई जाने वाली संतरे की यह प्रजाति अपने स्वाद के लिये विश्वभर में प्रसिद्ध है। खास जलवायू में उगाया जाने वाला यह फल अपने मीठे स्वाद की वजह से संतरे का राजा नाम से भी मशहूर है।

अपनी इसी खासियत की वजह से UAE ने इस फल को दूसरी बार निर्यात करवाया है। री भोई जिले के जिरांग के किसानों ने दिसम्बर की शुरुआत में खासी मंदारिन सन्तरे निर्यात किये थे और अब शुक्रवार को फिर से दूसरी खेप में 2000 किलो फल का फिर से निर्यात किया गया है।

Meghalaya Scholarship 2022-23: आवेदन शुरू, ऐसे करें अप्लाई

Khasi Mandarin Orange: Dubai पंहुचा मेघालय का खासी मंदारिन संतरा
Khasi Mandarin Orange: Dubai पंहुचा मेघालय का खासी मंदारिन संतरा

Khasi Mandarin Orange

बागवानी विभाग के निदर्शक दुर्गा सोहट ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को बताते हुए कहा कि दक्षिण पश्चिम  खासी हिल्स जिले के अरदोंग फलंगवार जैविक उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड के किसानों ने दोहा और बहरीन को 2000 किग्रा जीआई टैग वाले खासी मंदारिन संतरों का निर्यात किया।

उन्होंने बताया कि 500 हेक्टर में फैले कम से कम 18 गांवों के यह खास सन्तरे उगाए जाते हैं। इस सन्तरे की खेती के समूह में 500 किसान जुड़े हैं। तथा प्रदेश सरकार इस पहल में पूरा सहयोग कर रही है।

खासी मंदारिन सन्तरे मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ ईस्टर्न रीजन (MOVCDNER) के तहत उगाए जाते हैं जो नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर (NMSA) के तहत एक उप-मिशन है।

NIT Meghalaya Recruitment 2023: JRF Post- Rs 31,000/- per month

एपीओसी के अध्यक्ष ब्रिलियंट सिएमियोंग ने कहा PTI को बताया  कि आने वाले समय में किसानों का समूह अन्य स्थानीय जैविक उत्पादों जैसे कि काली मिर्च और क्षेत्र में उपलब्ध अन्य मसालों का निर्यात करने पर विचार कर रहा है। विभाग के अनुसार, खासी मंदारिन अन्य साइट्रस प्रजातियों से फल की अपेक्षाकृत ढीली त्वचा की वजह से आसानी से अलग-अलग खंडों को अलग किया जा सकता है। मतलब इसको छीलना बेहद ही आसान होता है। अन्य राज्यो में उगाए जाने वाले संतरों की तुलना में यह सन्तरे आसानी से छिले जाने वाले,रसदार और मीठे होते है।

Dubai पंहुचा मेघालय का खासी मंदारिन संतरा

प्रदेश कृषि मंत्रालय और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर डेवेलपमेंट विभाग ने बताया कि इन खास संतरो को सरकार अब अन्य देशों में भी निर्यात करने का विचार कर रही है। खासी हिल्स के उष्ण कटिबंधीय जलवायु की वजह से इन संतरो का स्वाद अन्य संतरो से बेहतर होता है जिसकी वजह से दुनिया भर में अब इसकी मांग बढ़ती जा रही है। मेघालय सरकार अब इन संतरों के उत्पाद को बढ़ाने का विचार कर रही है उसके लिए किसानों को हर सम्भव मदद पहुँचाने और सब्सिडी उपलब्ध करवाने का विचार भी कर रही है।

Meghalaya Jobs: NERIE Recruitment 2023, Direct Interview, Salary- 25000

राज्य को दुनिया की साइट्रस प्रजातियों का प्राथमिक जीन केंद्र माना जाता है, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध खासी मंदारिन है, जिसे इसकी मिठास के लिए ‘सोह नियम’ (संतरे का राजा) भी कहा जाता है।

मेघालय से निर्यात की गई इस दूसरी खेप को UAE के लूलू मॉल के साथ इंटरनेशनल ट्रेड के तहत निर्यात किया गया है जिससे भविष्य में उम्मीद है अन्य और 23 देशों को जोड़ा जाएगा । सरकार कोशिश कर रही है कि इस तरह के और भी निर्यात भविष्य में किये जायें जिससे यहां के किसानों को अच्छा दाम प्राप्त हो सके। इस सिलसिले में कृषि विकास मंत्रालय किसानों की पूरी सहायता कर रहा है। ताकि फसल से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी और सुविधाएँ किसानों तक पहुँचे और विदेशी राज्यो में इस सन्तरे को उतारा जा सके।

NIT Meghalaya Recruitment 2022: जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) भर्ती

एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट एंड प्रोसेस फ़ूड डेवेलपमेंट ऑथोरिटी (APEDA) के सहयोग से  राज्य में  इस तरह की खेती को बढ़ावा मिला है और जिससे किसानों के काफी अच्छा लाभ मिल रहा है। भविष्य में भी इस प्रकार की खेती को पूर्वोत्तरी राज्यो में बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत रहेगी

NIT MeghalayaClick Here

Leave a comment