Geranium Ki Kheti: जिरेनियम की खेती कर 15 लाख रुपए तक की आमदनी

Geranium Ki Kheti Kaise Karen: भारत एक कृषि प्रधान देश है। भारत में 75 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि आधारित कार्यों में से जुड़ी हुई है। इस आबादी की आय का साधन केवल कृषि आधारित क्षेत्र है। भारत में तेजी से लोग कृषि आधारित क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों की तरफ अपना रुझान कर रहे हैं। इसकी मुख्य कारण कृषि क्षेत्र में किसानों की आय कम होना एवं समय-समय पर मौसम के कारण उनकी फल का नष्ट हो जाना शामिल है। इसकी वजह से किसानों को बड़ी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है, साथ ही उनके ऊपर बैंकों एवं साहूकारों द्वारा दिए गए कर्ज़ का भारी ब्याज भी आ पड़ता है, परंतु अब किसानों को आर्थिक तंगी एवं न्यूनतम आय की समस्या से जूने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अब किसान जिरेनियम नामक पौधे की बुवाई कर के पा सकते हैं सालाना 15 लाख रुपए तक की आमदनी। प्रत्येक व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयासों को करता है। इसी प्रकार से आज हम लाए हैं। राजेंद्र चोर्डिया नामक किसान द्वारा किए गए प्रयास की कहानी लेकर आए हैं। जालना जिले के पाचोरा तालुका के किसान राजेंद्र चोर्डिया ने अपनी आ को बढ़ाने के लिए एवं आर्थिक कर्ज को कम करने के लिए अपने खेतों में जिरेनियम नामक औषधीय पौधा लगाया था। जिसके चलते औषधीय पौधे को बेचकर राजेंद्र चोरड़िया को 15 लाख रुपए तक की सालाना आमदनी हुई है।

Geranium Ki Kheti

जिरेनियम की खेती कर 15 लाख रुपए तक की आमदनी- Geranium Ki Kheti

जिरेनियम एक प्रकार का औषधीय एवं सुगंधित पौधा है। इस पौधे को गरीबों का गुलाब भी कहा जाता है। जिरेनियम पौधे के फूलों से तेल निकाला जाता है जोकि औषधि के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं कॉस्मेटिक ब्यूटी क्रीम एवं अन्य बहुत सारे कामों में काम आता है। जिरेनियम के तेल में गुलाब जैसी खुशबू आती है। इस तेल का प्रयोग अरोमा थेरेपी, कॉस्मेटिक्स बनाने में, इत्र और सुगंधित साबुन बनाने में किया जाता है। एस पौधे की कीमत बहुत कम होती है तथा खुबू बेहद ही ज्यादा होती है। इस कारण से अधिकतर लोग एवं बड़ी कंपनियां इस पौधे को खरीद ने मैं उत्सुक रहती हैं।

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हर महीने में 1 Lakh से अधिक की कमाई

जिरेनियम के पौधे से निकाले गए तेल से इतर एवं अन्य कॉस्मेटिक्स क्रीम एवं वस्तु बनाने में किया जाता है। एक एकड़ कृषि से हर महीने में 8 से 10 लीटर तेल का उत्पादन किया जाता है। इस तेल की बाजार में बेहद डिमांड है और यह 10 से 12 हज़ार रुपए प्रति लीटर की दर से बिकता है।

एक किसान अपने खेत से हर 3 महीने में 1 लख से अधिक की कमाई कर सकता है। प्रत्येक किसान अपने खेत में जिरेनियम की खेती करके साल में तीन से चार बार फसल उगा सकता है, यानी कि एक किसान जिरेनियम की एक खेती कर 3 से 4 लाख रुपए तक की आमदनी कर सकता है। और सालाना 15 लाख रुपए तक की आमदनी कर सकता है।

औषधीय कार्य एवं सौंदर्य प्रसाधन की वस्तु के निर्माण में प्रयोग

जिरेनियम का पौधा 3 से 4 फुट तक बढ़ता है। इसके साथ ही इससे निकलने वाले तेल का औषधीय कार्य एवं सौंदर्य प्रसाधन की वस्तु के निर्माण में किया जाता है। आपको बताते चलें कि इस पौधे से निकाले गए तेल के पश्चात बचे हुए भूसी से सुगंधित अगरबत्ती का निर्माण में किया जा सकता है।

भारत में कई सारे किसान इस कार्य को करते हैं। राजेंद्र चोर्डिया ने 50 दिन पहले 5 एकड़ जमीन में जिरेनियम औषधीय पौधे को लगाया था। इसके लिए उन्होंने ढाई से तीन लाख रुपए तक की ला खेतों में लगाई थी। इसके साथ ही उन्होंने पौधों को पानी देने के लिए ट्रिप इरीगेशन की भी व्यवस्था की थी जिससे कि उन्हें काफि ज्यादा मुनाफा हुआ है।

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Geranium Ki Kheti: कम पानी वाली फसल

जिरेनियम की खेती कम पानी वाली जगहों पर भी किया जा सकता है। जिरेनियम की खेती कम पानी वाली फसल है। इसकी खेती ऐसी जगहों पर भी की जा सकती है जहां पर बेहद ही कम एवं ना के बराबर भी बारिश होती हो, तो भी आप कम पानी में इस फसल की बुवाई कर सकते हैं। ऐसे क्षेत्र जहां पर 100 से 150 सेंटीमीटर तक बारिश होती है। वहां पर भी आप इसकी खेती कर सकते हैं तथा 15 लाख रुपए तक सालाना कमा सकते हैं।

जिरेनियम की खेती कैसे करें (Geranium Ki Kheti Kaise Karen)

जिरेनियम पौधे की खेती के लिए हर प्रकार की जलवायु बेहतर समझी जाती है, लेकिन कम मी वाली एवं हलकी जलवायु इसकी पैदावार के लिए अच्छी मानी जाती है। यदि कम नमी वाली जगहों पर जिरेनियम पौधे की खेती की जाती है तो आपको अपनी फल से बहुत फायदा हो सकता है। आप एक बार की फसल में बहुत सारे पौधों को लगा सकते हैं, साथ ही उन पौधों से आपको एक अच्छे खासे फूलों की पैदावार कर सकते हैं।

जिरेनियम की खेती ऐसे क्षेत्रों में की जानी चाहिए जहां पर वार्षिक जलवायु 100 से 150 सेंटीमीटर तक हो। इसके साथ ही आपको बताते चलें कि जिरेनियम पौधे की खेती में ऐसी मिट्टी चाहिए होती है जो कि शुष्क हो। इसके लिए बलुई दोमट और शुष्क मिट्टी बेहतर है। इसके साथ ही इन मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए इससे आप की फसल अच्छी एवं घनी होगी।

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Geranium oil Kheti के लाभ

जीरेनियम की खेती से कोई रोग नहीं होता है। इसके साथ ही इसे कोई जानवर भी नहीं खाता है और ना ही कोई इसे नष्ट करता है। इसलिए फसल की ज्यादा देखभाल करने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसके साथ ही आपको जिरेनियम की खेती में खाद एवं दवाओं की कीमतों पर भी अधिक खर्च नहीं पड़ता है। इसे 19 19 19 जैसे घुलनशील र्वरक एवं कीटनाशक के साथ छिड़काव करने की आवश्यकता है।

फसल 3 महीने की होने के बाद जमीन से 4 उंगल की दूरी पर काटी जा सकती है। इस प्रकार से आपको नए बीज लेने की भी आवश्यकता नहीं है। आप केवल एक बार ही फसल लगाकर लंबे समय तक के लिए आपको दोबारा खेती करने की भी आवश्यकता नहीं है। केवल आप उसकी देभाल कर ही नई फसल का निर्माण कर सकते हैं।

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