Diwali Pujan Subh Muhrat 2022!! इस शुभ मुर्हत में करें गणेश-लक्ष्मी पूजन, जानें पूजन विधि

Diwali Pujan Vidhi 2022: इस साल दिवाली का त्यौहार 24 अक्टूबर 2022 को मनाया जा रहा है। दिवाली का दिन भारत में बहुत खास है। व्यापारी दुकान में तथा अन्य लोग अपने घरों में इस दिन पूजा करते हैं और खुशियां मनाते हैं। Deepawali 2022 के दिन विशेष तौर पर लक्ष्मी पूजन और भगवान गणेश की पूजा की जाती है लेकिन अक्सर लोग पूजा की विधि और पूजा के शुभ मुहूर्त से परिचित नहीं होते हैं। आज हम आपको बताएंगे दीवाली पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?  दिवाली पूजा करने की विधि क्या है? दिवाली के दिन किसकी पूजा करें?  पूजा करने का समय क्या है, तथा इसी प्रकार की जानकारियां। सभी जानकारियां जानें:

दिवाली पूजन का महत्व 

हर साल कार्तिक मास की अमावस्या की रात को दिवाली का त्यौहार (Diwali 2022) मनाया जाता है इस साल यह अवश्य 24 अक्टूबर 2022 को शाम 5:27 के बाद शुरू होगी तथा अगले दिन यानी 25 अक्टूबर तक अमावस्या की रात रहेगी,  इसीलिए आज शाम 5:30 के बाद ही Diwali Puja जाएंगी। आज लक्ष्मी पूजन का टाइम 6:53 pm से शुरू होगा और रात 8:15 तक यह पूजा करी जा सकेगी। इसके साथ ही हम दिवाली की पूजा की अन्य शुभ मुहूर्तओं की भी चर्चा करेंगे।

पूजन के पश्चात घरों के अंदर दिए जलाने की प्रथा है। आजकल पटाखे और इलेक्ट्रॉनिक लाइट के माध्यम से भी घरों को सजाया जाता है। परंतु प्रत्येक घर में तेल के लिए भी जलाए जाते हैं जो कि सांस्कृतिक तौर सदियों से चले आ रहे हैं।   पूजा के शुभ मुहूर्त (Diwali Puja Time) दिवाली पूजा की विधि की जानकारी होना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।   हम आपके साथ विस्तार से दिवाली पूजन की विधि (Diwali Pooja) को भी सहायता कर रहे हैं।

Ganesh Lakshmi Pujan Muhurat 2022: दिवाली पूजा के शुभ मुहूर्त 

निम्नलिखित तालिका में हम आपके साथ दिवाली पूजा के शुभ मुहूर्त (Diwali Puja Shubh Muhurat) की सूची साझा करेंगे। पूजा के मुहूर्त के साथ-साथ प्रदोष काल तथा वृषभ काल का ज्ञान होना भी आवश्यक है। आज 24 अक्टूबर 2022 को शाम 5:27 के बाद दिवाली का पर्व शुरू हो जाएगा। जिसमें लक्ष्मी पूजा (Diwali 2022 Lakshmi Puja Vidhi) की अवधि 6:53 से शुरू होकर 8:15 तक रहेगी।   इसके साथ ही प्रदोष काल की अवधि आज शाम 5:43 से शुरू होगी तथा 8:16 तक रहेगी और वृषभ काल शाम 6:53 पर शुरू होगा और रात 8:00 बज कर 48 मिनट तक यह मुहूर्त रहेगा।

शुभ अवसरमुहूर्त शुरूमुहूर्त खत्म
अमावस्याशाम 5:27
( 24 अक्टूबर 2022)
शाम 4:10
( 25 अक्टूबर 2022)
दिवाली पूजा/ लक्ष्मी पूजनशाम 6:53
( 24 अक्टूबर 2022)
शाम 8:15
(24 अक्टूबर 2022)
प्रदोष कालशाम 5:43
( 24 अक्टूबर 2022)
शाम 8:16
( 24 अक्टूबर 2022)
वृषभ कालशाम 6:53
( 24 अक्टूबर 2022)
शाम 8:48
( 24 अक्टूबर 2022)

Diwali 2022 Puja Vidhi: दिवाली पूजन की विधि 

Diwali 2022 Date Time: दिवाली पूजन का समय  शाम 5:43 पर शुरू होगा जिसमें विशेष तौर पर लक्ष्मी पूजन किया जाता है। दिवाली पूजन से पहले आप अपने घर की सफाई करें, सफाई करने के पश्चात ही आप पूजा कर सकते हैं।   इसीलिए भारत में हर जगह लोग दिवाली से पहले ही सफाई कर लेते हैं ताकि दिवाली के दिन किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े।

दिवाली पूजन से पहले गंगाजल का प्रयोग करके घर में छिड़काव कर सकते हैं जिससे घर में पवित्रता आती है। इसके बाद आप पूजा के स्थान पर लक्ष्मी, भगवान गणेश तथा सरस्वती की मूर्तियां चित्र जो भी आप प्रयोग करना चाहें उस सजाएं। इसके पश्चात पूजा के स्थान पर दीया जलाएं और स्वास्थ्य व समृद्धि की मनोकामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करें। साथ में आप भगवान गणेश तथा लक्ष्मी जी को भोग लगाएं जिसके अंदर आप फल, मिठाई, मोदक, देसी घी इत्यादि का प्रयोग कर सकते हैं।

इसके साथ ही आप लक्ष्मी जी तथा गणेश भगवान की पूजा करें व आरती करें। आरती करने के लिए पूरे परिवार को साथ होना चाहिए तथा एक साथ आरती में भाग लेना चाहिए जिसके कारण भगवान का ध्यान करना आसान होता है व सभी एक साथ भगवान से पूरे साल सुख समृद्धि की कामना करते हैं।

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इस प्रकार आप बहुत आसानी से दिवाली की पूजा कर सकते हैं तथा पूजा के पश्चात प्रसाद सभी के साथ बांट सकते हैं और दिवाली के त्यौहार को दीप जलाकर व मिठाइयां बांटकर मना सकते हैं।

दिवाली का महत्व 

हिंदू पौराणिक कथाओं में दिवाली के महत्व के संबंध में कई सारी कथाएं प्रचलित हैं जिसमें से सर्व प्रसिद्ध कथा यह है कि दिवाली ही के दिन भगवान श्री राम अपने 14 वर्ष के वनवास को पूरा कर लेने के बाद तथा रावण का अंत कर लेने के बाद अपन नगरी अयोध्या वापस लौटे थे।   यह दिन अमावस्या की रात का दिन था इसीलिए नगर वासियों ने इस अमावस्या की रात को रोशन बनाने के लिए जगह जगह अपने घरों में तथा सड़क पर दीए जलाए थे जिससे भगवान श्रीराम का स्वागत भी किया गया था और अमावस्या के अंधेरे को भी उजाले में बदला गया था।   इसी कारण हर साल दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है।

इस दिन सभी लोग लक्ष्मी जी की पूजा (Diwali Lakshmi Puja Muhurat) करते हैं वह साथ में गणेश जी की भी पूजा करते हैं। लक्ष्मी को सुख समृद्धि व धन का प्रतीक माना जाता है इसलिए लक्ष्मी जी की पूजा करते समय यह मनोकामना की जाती है कि पूरे वर्ष लक्ष्मी जी की कृपा उनके घर पर बनी रहे और घर में सुख समृद्धि बनी रहे। इसके साथ ही भगवान गणेश को भी याद किया जाता है जो कि किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले पूजे जाते हैं। भगवान गणेश भी शिक्षा तथा समृद्धि का प्रतीक है।  इसलिए भक्त लक्ष्मी जी तथा गणेश जी की पूजा करके पूरे साल की समृद्धि और सुख की मनोकामना करते हैं।

इस लेख में हमने आपको दिवाली से सम्बंधित सभी जानकारी बताई है जैसे दिवाली पूजा का दिन , समय , शुभ पूजन विधि सभी । उम्मीद है आपको सभी जानकारी मिल गई होंगी। इसी के साथ ही आपको दिवाली की बहुत बहुत बधाई हो।

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